Friday, August 10, 2018

सूर्य ग्रहण 2018: राहु और केतु के कारण होता है ग्रहण, जानें इसकी 10 मान्यताएं

सावन महीने की शनिवारी अमास्या यानी कल 11 अगस्त 2018 को इस साल का आखिरी ग्रहण पड़ेगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा जिससे इसका यहां कोई खास असर नहीं होगा। टाइम एंड डेट डॉट कॉम वेबसाइट के मुताबिक यह भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण शनिवार को दोपहर 01:32:08 बजे शुरू होगा। दोपहर करीब 03:16:24 मिनट पर ग्रहण का मध्य यानी अधिकतम ग्रहण होगा और शाम 5 बजे यह समाप्त हो जाएगा। इस बार सूर्य ग्रहण 3 घंटे 30 मिनट तक होगा।
जानें ग्रहण से जुड़ी 10 मान्यताएं-
1- मान्यता है कि राहु और केतु नाम का दानव सूर्य और चंद्रमा का दुश्मन है। जब राहु सूर्य को ग्रस लेता है तो सूर्य ग्रहण पड़ता है और जब चंद्रमा को ग्रसता है तो चंद्र ग्रहण पड़ता है।
2- कहा जाता है कि राहु और केतु नाम के दानव कोई आकार या अस्तित्व नहीं है। यह एक छाया ग्रह है। सूर्य और चंद्रमा से राहु की दुश्मनी तब से है जब भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन के दौरान छल से अमृत पी रहे राक्षस का सिर सुदर्शन से काट दिया था। सिर वाले भाग को राहु और धड़ को केतु नाम से जानते हैं। राहु और केतु के छल को सूर्य और चंद्रमा ने देख लिया था और उन्होंने ही भगवान विष्णु को जानकारी दी थी।
3- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बीमार लोगों को घर के बाहर नहीं निकलना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा न करने वाले पर बुरा असर होता है।
4- ग्रहण को नंगी आंख से नहीं देखना चाहिए क्योंकि इससे आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है।
5- मंदिर या पूजा घर को बंद कर देना चाहिए। ग्रहण के दौरा पूजा नहीं करना चाहिए।
6- ग्रहण के बाद स्नान करके और देवताओं को गंगाजल से पवित्र करके उनकी पूजा करना चाहिए।
7- ग्रहण के वक्त किसी को खाना नहीं खाना चाहिए और न ही पति पत्नी को एक साथ सोना चाहिए।
8- मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान सिलाई-बुनाई करना या चाकू, छुरी जैसी धारदार चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
9- मान्यता है कि ग्रहण के दौरान भगवान का नाम लेने या भगवान का ध्यान करने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं करना चाहिए।
सावन महीने की शनिवारी अमास्या यानी कल 11 अगस्त 2018 को इस साल का आखिरी ग्रहण पड़ेगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा जिससे इसका यहां कोई खास असर नहीं होगा। टाइम एंड डेट डॉट कॉम वेबसाइट के मुताबिक यह भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण शनिवार को दोपहर 01:32:08 बजे शुरू होगा। दोपहर करीब 03:16:24 मिनट पर ग्रहण का मध्य यानी अधिकतम ग्रहण होगा और शाम 5 बजे यह समाप्त हो जाएगा। इस बार सूर्य ग्रहण 3 घंटे 30 मिनट तक होगा।
10- ग्रहण के वक्त पवित्र नदियों जलाशयों में स्नान करने से बहुत ही पुण्य होता है। लेकिन स्नान करने के दौरान कोई मंत्र नहीं बोलना चाहिए। ग्रहण के दौरान गाय को चारा खिलाना या पशु पक्षियों को दाना डालना भी बहुत पुण्य मिलता है।

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